| वर्ष | P/E अनुपात | परिवर्तन |
|---|---|---|
| 2026 (TTM) | 16.01 | 0.85% |
| 2025 | 15.87 | 27.85% |
| 2024 | 12.41 | 34.38% |
| 2023 | 9.24 | -16.71% |
| 2022 | 11.09 | -37.71% |
| 2021 | 17.80 | 93.38% |
| 2020 | 9.20 | -18.44% |
| 2019 | 11.29 | 41.80% |
| 2018 | 7.96 | -36.65% |
| 2017 | 12.56 | -23.65% |
| 2016 | 16.45 | -15.98% |
| 2015 | 19.58 | 6.68% |
| 2014 | 18.36 | -13.28% |
| 2013 | 21.17 | -23.18% |
| 2012 | 27.56 | 0.00% |
| कंपनी | P/E Ratio | P/E Ratio अंतर | देश |
|---|---|---|---|
| 15.28 | -4.51% |
IN
|
|
| 15.59 | -2.60% |
SG
|
|
| 10.15 | -36.57% |
IT
|
|
| 7.65 | -52.20% |
FR
|
|
| 11.28 | -29.52% |
IN
|
Price/Earnings (P/E) ratio यह दर्शाता है कि किसी कंपनी के शेयर का मूल्य उसके प्रति शेयर आय से कितना संबंधित है।
एक कम लेकिन सकारात्मक P/E यह संकेत देता है कि कंपनी की कम वैल्यू पर अधिक कमाई हो रही है, जो संभावित रूप से अंडरवैल्यूड हो सकती है। एक उच्च नकारात्मक (0 के करीब) P/E का मतलब है कंपनी को भारी नुकसान हो रहा है।
30 से अधिक या नकारात्मक P/E वाले शेयरों को सामान्यतः "विकासशील स्टॉक्स" माना जाता है — यानी निवेशक भविष्य में लाभ या ग्रोथ की उम्मीद करते हैं।
10 से कम सकारात्मक P/E वाले शेयरों को "मूल्य आधारित स्टॉक्स" माना जाता है — मतलब कंपनी पहले से लाभ में है और भविष्य में तेज़ ग्रोथ की संभावना कम है।