| वर्ष | P/E अनुपात | परिवर्तन |
|---|---|---|
| 2026 (TTM) | -0.02 | -93.72% |
| 2016 | -0.39 | -90.41% |
| 2015 | -4.07 | -1,266.35% |
| 2014 | 0.35 | -254.38% |
| 2013 | -0.23 | -10.77% |
| 2012 | -0.25 | -78.21% |
| 2011 | -1.16 | -112.62% |
| 2010 | 9.22 | -68.18% |
| 2009 | 28.97 | 157.85% |
| 2008 | 11.23 | -71.98% |
| 2007 | 40.10 | 92.96% |
| 2006 | 20.78 | -24.06% |
| 2005 | 27.36 | 28.87% |
| 2004 | 21.23 | 0.00% |
| कंपनी | P/E Ratio | P/E Ratio अंतर | देश |
|---|---|---|---|
| - | - |
US
|
|
| 25.50 | -104,161.22% |
US
|
|
| - | - |
IN
|
|
| - | - |
CN
|
|
| 39.69 | -162,084.90% |
US
|
Price/Earnings (P/E) ratio यह दर्शाता है कि किसी कंपनी के शेयर का मूल्य उसके प्रति शेयर आय से कितना संबंधित है।
एक कम लेकिन सकारात्मक P/E यह संकेत देता है कि कंपनी की कम वैल्यू पर अधिक कमाई हो रही है, जो संभावित रूप से अंडरवैल्यूड हो सकती है। एक उच्च नकारात्मक (0 के करीब) P/E का मतलब है कंपनी को भारी नुकसान हो रहा है।
30 से अधिक या नकारात्मक P/E वाले शेयरों को सामान्यतः "विकासशील स्टॉक्स" माना जाता है — यानी निवेशक भविष्य में लाभ या ग्रोथ की उम्मीद करते हैं।
10 से कम सकारात्मक P/E वाले शेयरों को "मूल्य आधारित स्टॉक्स" माना जाता है — मतलब कंपनी पहले से लाभ में है और भविष्य में तेज़ ग्रोथ की संभावना कम है।