| वर्ष | P/E अनुपात | परिवर्तन |
|---|---|---|
| 2026 (TTM) | 82.61 | 726.09% |
| 2025 | 10.00 | -71.36% |
| 2024 | 34.91 | -27.63% |
| 2023 | 48.24 | -91.44% |
| 2022 | 563.20 | 3,108.00% |
| 2021 | 17.56 | -95.56% |
| 2020 | 395.26 | -3,365.11% |
| 2019 | -12.11 | -168.19% |
| 2018 | 17.75 | -85.68% |
| 2017 | 124.00 | -50.00% |
| 2016 | 247.99 | -80.00% |
| 2015 | 1.24K | -236.56% |
| 2014 | -908.16 | -82.25% |
| 2013 | -5.12K | 0.00% |
| कंपनी | P/E Ratio | P/E Ratio अंतर | देश |
|---|---|---|---|
| 25.42 | -69.23% |
IE
|
|
| - | - |
PH
|
|
| - | - |
CH
|
|
| - | - |
FR
|
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| 41.00 | -50.37% |
IN
|
Price/Earnings (P/E) ratio यह दर्शाता है कि किसी कंपनी के शेयर का मूल्य उसके प्रति शेयर आय से कितना संबंधित है।
एक कम लेकिन सकारात्मक P/E यह संकेत देता है कि कंपनी की कम वैल्यू पर अधिक कमाई हो रही है, जो संभावित रूप से अंडरवैल्यूड हो सकती है। एक उच्च नकारात्मक (0 के करीब) P/E का मतलब है कंपनी को भारी नुकसान हो रहा है।
30 से अधिक या नकारात्मक P/E वाले शेयरों को सामान्यतः "विकासशील स्टॉक्स" माना जाता है — यानी निवेशक भविष्य में लाभ या ग्रोथ की उम्मीद करते हैं।
10 से कम सकारात्मक P/E वाले शेयरों को "मूल्य आधारित स्टॉक्स" माना जाता है — मतलब कंपनी पहले से लाभ में है और भविष्य में तेज़ ग्रोथ की संभावना कम है।