| वर्ष | P/E अनुपात | परिवर्तन |
|---|---|---|
| 2026 (TTM) | 9.05 | 1.24% |
| 2024 | 8.94 | -98.81% |
| 2023 | 751.75 | -3,277.39% |
| 2022 | -23.66 | 114.38% |
| 2021 | -11.04 | 267.20% |
| 2020 | -3.01 | -91.94% |
| 2019 | -37.30 | -1.08% |
| 2018 | -37.70 | 173.37% |
| 2017 | -13.79 | 161.69% |
| 2016 | -5.27 | -52.68% |
| 2015 | -11.14 | 10.25% |
| 2014 | -10.10 | -71.19% |
| 2013 | -35.06 | 402.38% |
| 2012 | -6.98 | 0.00% |
| कंपनी | P/E Ratio | P/E Ratio अंतर | देश |
|---|---|---|---|
| 17.92 | 97.98% |
US
|
|
| 26.95 | 197.72% |
AU
|
|
| - | - |
HK
|
|
| - | - |
SE
|
|
| - | - |
US
|
Price/Earnings (P/E) ratio यह दर्शाता है कि किसी कंपनी के शेयर का मूल्य उसके प्रति शेयर आय से कितना संबंधित है।
एक कम लेकिन सकारात्मक P/E यह संकेत देता है कि कंपनी की कम वैल्यू पर अधिक कमाई हो रही है, जो संभावित रूप से अंडरवैल्यूड हो सकती है। एक उच्च नकारात्मक (0 के करीब) P/E का मतलब है कंपनी को भारी नुकसान हो रहा है।
30 से अधिक या नकारात्मक P/E वाले शेयरों को सामान्यतः "विकासशील स्टॉक्स" माना जाता है — यानी निवेशक भविष्य में लाभ या ग्रोथ की उम्मीद करते हैं।
10 से कम सकारात्मक P/E वाले शेयरों को "मूल्य आधारित स्टॉक्स" माना जाता है — मतलब कंपनी पहले से लाभ में है और भविष्य में तेज़ ग्रोथ की संभावना कम है।